सागर में बिना काम के 1.40 करोड़ रु. का पेमेंट करने पर केसली सीईओ सस्पेंड

मध्य-प्रदेश




सागर. सरकारी राशि के गबन के आरोप में केसली जनपद पंचायत की सीईओ अंजना नागर को कमिश्नर आनंदकुमार शर्मा ने निलंबित कर दिया है। नागर पर आरोप है कि उन्होंने बिना काम कराए जनपद पंचायत से 1.40 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान कर दिया।

उन पर पुराने कामों को नया बताकर फर्जी मस्टर रोल के जरिए राशि निकालने का भी आरोप है। उदाहरण के लिए 20 साल पुराने एक कुएं को उन्होंने निर्मल नीर योजना में दर्शाकर 80 हजार रुपए का भुगतान कर दिया कमिश्नर शर्मा ने ये कार्रवाई जिला पंचायत सीईओ चंद्रशेखर शुक्ला के प्रतिवेदन पर की है। सीईओ ने अपने प्रतिवेदन में लिखा था कि सीईओ नागर ने जनपद पंचायत के सभी कार्यों में नियम-प्रावधानों की अनदेखी कर भुगतान किया।

जो प्रथमदृष्टया सरकारी राशि के गबन की श्रेणी में आता है। कुटीर, ग्रामोद्योग एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री हर्ष यादव के क्षेत्र देवरी के इस जनपद पंचायत कार्यालय में नागर बतौर सीईओ करीब दो साल से पदस्थ थीं। कमिश्नर कार्यालय के अनुसार निलंबन काल में नागर का मुख्यालय जिला पंचायत कार्यालय सागर रहेगा।

आरईएस के एई ने की थी कलेक्टर समेत अन्य अफसरों से शिकायत 
जानकारी के अनुसार जून 2019 में आरईएस के एक असिस्टेंट इंजीनियर ने कलेक्टर को नागर के सारे कारनामे एक चिट्‌ठी के जरिए भेज दिए थे। इसके बाद आरईएस के ईई ने भी जांच की जिसमें कई वित्तीय अनियमितताएं उजागर हुईं। इस आधार पर सीईओ जिला पंचायत ने एक जांच प्रतिवेदन बनाकर कमिश्नर को भेज दिया। कमिश्नर शर्मा ने सीईओ नागर की भूमिका को सिविल सेवा आचरण अधिनियम के विरुद्ध पाया और उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई कर दी।

सीईओ के खिलाफ ये आरोप भी हैं 

ग्राम पंचायत चौराडोगरी में खेल मैदान निर्माण की राशि का अनाधिकार उपयोग किया जाना। ग्राम पंचायत टड़ा में शांतिधाम निर्माण में राशि का अनाधिकृत उपयोग किया जाना। ग्राम पंचायत महका पिपरिया के ग्राम ढेचुआ में सुदूर सड़क निर्माण के भुगतान में अनियमितता। ग्राम पंचायत महका पिपरिया के ग्राम पिपरिया के खेल मैदान के कार्य में फर्जी भुगतान।




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