डॉ कफील खान पर NSA की कार्रवाई के बाद AMU के छात्र नेताओं में रोष, जताया विरोध

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अलीगढ़. उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के छात्र नेताओं ने डॉ कफील खान (Dr Kafeel Khan) के खिलाफ एनएसए (NSA) की कार्रवाई पर रोष जताया है. छात्र नेताओं ने कहा कि एक शख्स को बेल मिलने के बाद उस पर एनएसए की कार्यवाही नहीं की जा सकती है. मामले को लेकर छात्र नेताओं ने 1986 में एटा के एक मामले पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया और योगी सरकार पर खुन्नस निकालने का आरोप लगाया. इसके साथ ही शरजील इमाम (Sharjeel Imam) के खिलाफ कार्रवाई पर सभी सवाल खड़े किए.

आपको बता दें कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में बीते 12 दिसंबर को डॉ कफील खान पर भड़काऊ भाषणबाजी के आरोप के बाद मुंबई से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था. मामले में कफील खान को जमानत मिल गई थी. लेकिन कफील खान जेल से रिहा होते इससे पहले ही जिला मजिस्ट्रेट, अलीगढ़ द्वारा एनएससए की कार्रवाई कर डॉ कपिल की जेल से रिहाई पर रोक लगा दी गई.

इस मामले में एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन और पूर्व उपाध्यक्ष अब्दुल कादिर जिलानी ने डॉ कफील पर एनएसए की कार्रवाई के विरोध में सवाल उठना शुरू कर दिए हैं. छात्र नेताओं ने कहा कि 1986 में एटा के डीएम द्वारा इसी तरह की एक कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि एक बार किसी की अगर बेल हो जाए तो जिला प्रशासन उस पर एनएसए की कार्रवाई नहीं कर सकता है.

राजनेताओं की भाषणबाजी पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती

वहीं डॉ कफील और शरजील इमाम का फेवर करते हुए कहा कि इन लोगों पर जो कार्रवाई की गई है वह गलत है, जबकि दिल्ली में और अन्य राजनेताओं द्वारा तमाम तरह के भाषणबाजी की गई, उन पर कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई है. योगी सरकार सीधे तौर पर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों को निशाना बनाकर उन पर लगातार कार्यवाही कर रही है, जो सरासर गलत है.




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