पुलवामा हमले की बरसी पर शहीदों को श्रद्धांजलि, पीएम मोदी बोले उनकी शहादत कभी नहीं भूलेगा देश





नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को पुलवामा हमले की शहीदों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, पिछले साल पुलवामा में किए गए भीषण हमले में जान गंवाने वाले बहादुर शहीदों को श्रद्धांजलि। वे असाधारण व्यक्ति थे, उन्होंने देश की सेवा में जीवन समर्पित कर दिया। पीएम मोदी ने कहा भारत उनकी शहादत को कभी नहीं भूलेगा।
गृहमंत्री अमित शाह ने इस मौके पर हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया 2019 में इसी दिन पुलवामा (जम्मू-कश्मीर) में नृशंस हमले में शहीद जवानों के बलिदान को भारत कभी नहीं भूलेगा। संपूर्ण राष्ट्र आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है। हम इस खतरे के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
14 फरवरी, 2019 का वह काला दिन भुलाए नहीं भूलता, जब अपने जवानों की शहादत पर पूरे देश की आंखों में आंसू थे। दोपहर के 3:30 बज रहे थे, जब आतंकियों ने वीर जवानों के काफिले पर हमला कर दिया था। इस हमले में देश के 40 जवानों ने शहादत दी थी। एक साल हो गया है इस घटना को, लेकिन आज भी इस घटना का दर्द लोगों के दिलों में मौजूद है।  
पीएम नरेंद्र मोदी ने पिछले साल हुए पुलवामा हमले में जान गंवाने वाले बहादुर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि वे सबसे अलग थे, जिन्होंने हमारे राष्ट्र की सेवा और रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। भारत उनकी शहादत को कभी नहीं भूलेगा। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा मैं पुलवामा हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि देता हूं। भारत हमेशा हमारे बहादुरों और उनके परिवारों का आभारी रहेगा जिन्होंने हमारी मातृभूमि की संप्रभुता और अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। 
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस नृशंस हमले के दौरान शहीद जवानों को याद करते हुए कहा भारत उनके बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। संपूर्ण राष्ट्र आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है और हम इस खतरे के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सीआरपीएफ की 78 बसें करीब 2500 जवानों को लेकर नेशनल हाईवे 44 से गुजर रही थीं। हर बार की तरह इस बार सड़क पर दूसरे वाहनों की आवाजाही को रोके बिना यह काफिला आगे बढ़ रहा था। बसों में बैठे कई जवान छुट्टी पर वापस अपने घर जा रहे थे।
तभी एक कार ने सड़क की दूसरी तरफ से आकर इस काफिले के साथ चल रही बस में टक्‍कर मार दी। इसके बाद हुआ एक जबरदस्‍त धमाका, जिसमें बस के साथ जवानों के शरीर के परखच्‍चे उड़ गए। जवान कुछ समझ पाते या हमले का जवाब देने के लिए अपनी पोजीशन ले पाते, इससे पहले उनके ऊपर आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। सीआरपीएफ जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की लेकिन आतंकी वहां से भागने में सफल हो गए।
कुछ ही देर में यह खबर पूरे देश में आग की तरह फैल गई। हर कोई इस हमले से गुस्‍से में था। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। यह जवान सीआरपीएफ की 76 बटालियन से थे। इसके अलावा कई जवान घायल हुए थे।




Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *