दीनी तब्लीगी इज्तिमा में उमड़े हजारों लोग, 155 जोड़ा का हुआ जीरो खर्च निकाह





जयपुर. राजधानी जयपुर (Jaipur) के कर्बला मैदान में तीन दिन से जारी दीनी तब्लीगी इज्तिमे (Dini Tablighi Ijtime) में सोमवार को खुदा की बारगाह में दुआ के लिए एक साथ लाखों हाथ उठे. इज्तिमे में इस्लाम की बुनियादी तालीम (Basic education of islam) के लिए प्रदेशभर से मुस्लिम समाज (Muslim community) के हजारों लोग उमड़ रहे हैं. 8 फरवरी से शुरू हुए इस इज्तिमे में सभी जगह से मुस्लिम समाज के लोग पहुंच रहे हैं.

पांच बुनियादी तालीमों पर हुए बयान

इज्तिमे में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए आलिमों ने इस्लाम की पांच बुनियादी तालीमों पर बयान (भाषण) दिए. इज्तिमे के दौरान अलग-अलग जगह आए उलेमाओं के बयान और तकरीरें हुईं. बयानों में मौलाना वाहिद, मौलवी महफूज़, मुफ्ती अब्दुल सलाम, मुफ्ती अमजद अली और मौलाना चिरागुद्दीन के बयान हुए. आलिमों ने इस बार अपने बयानों में खासतौर पर इंसानी किरदार पर जोर दिया. आलिमों ने बयान में बताया कि इस्लाम के मुताबिक अल्लाह एक है और नबी मोहम्मद सल्लाहु अलैही वसल्लम अंतिम पैग्म्बर हैं. इस्लाम को समझने के लिए पवित्र कुरान समझकर पढ़ना और उसे अपनी असल जिंदगी में अमल में लाना बहुत ज़रूरी है.

इन बातों पर दिया गया जोर

– इस्लाम के मुताबिक सभी पांचों वक्त की नमाज़ अदा करनी चाहिए.

– नबी सुन्नतों पर अमल करना चाहिए.

– ब्याज़ का बहिष्कार करना चाहिए.

– अपने पड़ौसियों से प्यार मुहब्बत का बर्ताव करना चाहिए.

– इस्लाम के प्रसार प्रचार के लिए तब्लीग़ के ज़रिए समय देना चाहिए.

155 जोड़ों का जीरो खर्च निकाह

इज्तिमे में आलिमों ने शादी और निकाह में बुनियादी फर्क को समझाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि दिखावटी और सजावटी शादियों से बचें. सादगी के साथ बिना किसी दहेज, सामूहिक भोज और बिना किसी के खर्चें के निकाह करें. इज्तिमे के कुल 155 जोड़ों का दहेज मुक्त निकाह भी पढ़ाया गया. इज्तिमे में सैंकड़ों वॉलिंटियर्स ही ट्रैफिक और साफ सफाई का काम संभाल रहे हैं.

 




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