185 करोड़ में बनने वाली बहुती टनल रीवा के 635 गांवों में लाएगी खुशियों की हरियाली

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खेती के व्यवसाय को लगेगे पंख,65 हजार हेक्टेयर में सिंचाई होगी फसलों की सिंचाई
dhananjay tiwari
रीवा।
185 करोड़ की लागत से बन रही बहुती टनल जिस दिन बनकर तैयार हो जएगी उसके बाद जिले के रघुनाथगंज क्षेत्र के लगभग 635 गांव के 65 हजार हेक्टेयर की भूमि में सिंचाई हो सकेगी। खेतो में पहुंचनें के बाद किसानो को अच्छी पैदावार मिलने लगेगी जिससे इस क्षेत्र के विकास को पंख लग जाएगे। कुल 427 करोड़ की लागत से बन रही बहुती नहर में 185 करोड़ गोबिंदगढ टनल के निर्माण के लिए खर्च किए जा रहे है। अगर माइनर और सब माइनर नहरो को जोड़ दिया जाए तो कुल 1 हजार किलोमीटर की नहर का निर्माण किया जा रहा है। हालकी गोबिंदगढ के बाद से बनने वाली नहर का निर्माण कार्य सद्भावना कांसट्रेक्शन कंपनी कर रही है।

68 फीसदी हुआ निर्माण
बताया गया है कि बहुती नहर परियोजना अंतर्गत गोविंदगढ़ में बन रही टनल का काम निर्माण एजेंसी पूरा नहीं कर पा रही है। बीच-बीच में निर्माण कार्य रोकने और काम में ढिलाई बरतने की वजह से ढाई साल की यह परियोजना 4 साल में भी पूरी नहीं हो पाई है। जानकारी के अनुसार सितंबर 2013 में इसका निर्माण कार्य शुरू किया गया था और सितंबर 2016 में काम पूरा किया जाना था लेकिन निर्माण एजेंसी जिस तरह का निर्माण कार्य कर रही है उससे माना जा रहा है कि इस सुरंग के निर्माण में अभी दो से ढाई साल का समय और लग सकता है।

वर्ष 2013-14 में टनल का शुरू हुआ निर्माण
बताया गया है कि बहुती परियोजना के पहले चरण में गोबिंदगढ़ से रघुनाथगंज तक 56 किलोमीटर की बहुती मुख्य नहर का निर्माण करना था। जबकि दूसरे चरण में अमजोरी से नहर निर्माण करना था जिसकी लंबाई 17.5 किलोमीटर और गोविंदगढ़ में 38 सौ मीटर लंबी टनल बनाई जानी है जिसके अंदर से बहुती कैनाल में पानी ले जाना था। निर्माण एजेंसी ने वर्ष 2013-14 में टनल का निर्माण शुरू किया था। अनुबंध के मुताबिक वर्ष 2017 दिसंबर तक काम पूरा हो जाना चाहिए था। इतना ही नही वर्ष 2017 में रवि में अंतिम सिंचाई के लिए किसानों को पानी देने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन शुरू के ढाई साल में निर्माण एजेंसी 65 फीसदी काम ही पूरा कर सकी है। जल संसाधन विभाग के अधिकारी निर्माण एजेंसी पर निर्माण में गति लाने दबाव नहीं बना सके जिसका खामियाजा यह रहा कि एजेंसी मनमाने ढंग से सुरंग के निर्माण में लेट लतीफी करती रही।

10 क्यूसिक मीटर पानी की और बढ़ई गई क्षमता
पूर्व में टनल की क्षमता 45 क्यूमेक्स पानी निकालने की निर्धारित की गई थी। किन्तु अब इसकी क्षमता 10 क्यूमेक्स और बढ़ा दी गई है जिसके बाद अब इस टनल से 65 क्यूमेक्स पानी निकाला जा सकेगा। दरअसल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना नईगढ़ी में भी इसी सुरंग से पानी ले जाना है। जिसकी वजह से अब इस टनल की क्षमता 55 क्यूमेक्स पानी निकालने की रखी जा रही है। जिससे बहुती परियोजना के साथ-साथ नईगढ़ी माइक्रो इरिगेशन के लिए भी पानी बाणसागर से दिया जा सके।

जून 2020 तक बढ़ाया समय
जानकारी के मुताबिक निर्धारित समय पर टनल का निर्माण पूरा न हो पाने की वजह से मुख्यालय ने इसके निर्माण के लिए अब जून 2020 तक का समय बढ़ा दिया है। हालांकि इस अवधि में भी टनल का निर्माण पूरा होने की संभावना नहीं है। विभाग स्वयं मानकर चल रहा है कि शेष बची हुई 12 सौ मीटर लंबी टनल बनाने के लिए लगभग एक से डेढ़ साल का समय लग सकता है। टनल के साथ 20 किलोमीटर लंबी ओपन कैनाल का भी निर्माण किया जाना है। बताया गया है कि इसके पूर्व में दो बार टनल निर्माण को एक्सटेंशन मिल चुका है इसके बावजूद निर्माण एजेंसी बढे हुए समय में काम पूरा नहीं कर पाई।

12 सौ मीटर अभी भी बकाया
जानकारी के अनुसार गोविंदगढ़ में 38 सौ मीटर लंबी टनल बनाई जानी है। जिसमें से अभी छब्बीस सौ मीटर ही टनल का निर्माण कार्य किया गया है। जिसमें से अभी भी 12 सौ मीटर टनल का निर्माण शेष है। जब तक इस टनल का निर्माण पूरा नहीं हो जाता तब तक 65 हजार हेक्टेयर में सिंचाई नहीं हो पाएगी। इस परियोजना के तहत टनल से पानी ले जाकर साढे छह सौ गांवों में सिंचाई करनी है।

इनका कहना है
185 करोड़ की लागत से 17.5 किलोमीटर अमजोरी से गोबिंदगढ तक नहर और 38 सौ मीटर टनल का निर्माण कार्य चल रहा है। वर्ष 2021 में इसको पूरा किए जानें के लिए मेंटेना कंपनी को लक्ष्य दिया गया है।
एन शर्मा,ईई बांणसागर

नहर और टनल निर्माण का काम काफी तेजी से चल रहा है। 2020 तक तक टनल का काम पूरा कर लिया जाएगा।
एलपी.भट्ट,मैनेजर मेंटेना कंपनी

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